उत्तर प्रदेश में पेपर लीक बार बार क्यों

उत्तर प्रदेश में पेपर लीक बार बार क्यों

उत्तर प्रदेश में पेपर लीक बार बार क्यों- आप और हम जहाँ रोज शाम को न्यूज चैनलों पर  हिन्दू मुस्लिम डिबेट देखने से फुर्सत नही पा रहे है। वही देश के कई बड़े मुद्दे हिन्दू मुस्लिम डिबेट में दबे जा रहे है। रेल से बस और घर से आफिस सब जगह हिन्दू मुस्लिम डिबेट जारी है। आप और हम सुनोजित तरीके से फैले जाल में फंसते जा रहे है। देश् में जो मुख्य मुद्दे है उनसे दूर होकर हिन्दू मुस्लिम डिबेट देखकर हिंसा के आदि हो रहे है। अब तो डर इस बात का है। कि हम दंगाई न हो जाये। बिहार के सीतामढ़ी में एक 82 वर्षीय मुस्लिम जैनुल अंसारी को सायकल से उतारकर मार दिया गया। जला दिया गया। लेकिन आपको हमको क्या फर्क पड़ता है। हमारे लिए तो यह आम बात हो गयी है। यह विचार का विषय है। कि आने वाले पीढ़ी जो जिसको डॉक्टर और इंजीनियर बनना है। कही वह दंगाई ना बन जाये।

नौजवान की दशा सदैव बत्तर

हम नौजवान हमारी अधिक जिमेदारी है। कि हम देश मे असल मुद्दों की लड़ाई को विभिन्न मंचो द्वारा उठाते रहे है। नौजवानो ने सम्पूर्ण देश् में मुद्दों की लड़ाई लड़ी है। लड़ रहे है। सरकारो द्वारा दमन होना स्वाभाविक है। हमारे साथी और मै स्वयं भी इस दमन का शिकार हुआ हूँ। किन्तु हम अपनी लड़ाई को जारी रखे है। हमेसा से ही बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा रहा है। देश की सभी पार्टिया रोजगार देने के बड़े बड़े वादे करती आई है। लेकिन नौजवान की दशा सदैव बत्तर रही है। पूर्व में सरकारी की भर्तियों न निकलना। एक बड़ी समस्या थी।

लेकिन नौकरी कब मिलेगी

किन्तु पिछले करीब 2 वर्षों से जब उतर प्रदेश में भाजपा की सरकार आयी है। एक नई समस्या ने जन्म लिया है। वह समस्या पेपर लीक है । उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद लगभग 90% पेपर लीक हुए है। जिस कारण नौजवान पेपर तो दे रहा है। तैयारी भी कर है। लेकिन नौकरी कब मिलेगी। वो राम भरोसे है। नौजवान अपने माता पिता की उम्मीद लेकर आता है। पापा पूछते है बेटा नौकरी कब लगेगी तो बीटा कहता है। पापा अगली भर्ती में हो जाएगा
तैयारी अच्छी है। लेकिन जब नौजवान पेपर देने जाता है। तब पता चलता है कि पेपर लीक ऐसी हालात में कई नौजवान गलत कदम भी उठा लेते है। ऐसे राजनीतिक और सामाजिक परिवेस में हमे और आपको जगना होगा। हिन्दु मुस्लिम डिबेट से ऊपर उठकर मुद्दे पर बात करनी होगी। क्योंकि आज हमने ध्यान नही दिया। तो हमारी आनेवाली नस्ल कही दंगाई न हो जाये।

पिछले डेढ़ साल में उत्तर प्रदेश में पेपर लीक के पकड़े गए ये मामले-

  1. 14 मई 2017 को SSC Multitasking स्टाफ परीक्षा का पेपर whatsapp पर लीक, एसटीएफ ने दो युवकों को आगरा में गिरफ्तार किया |
  2. उत्तर प्रदेश पुलिस की S.I. भर्ती ऑनलाइन परीक्षा का पेपर लीक, ATF ने 22 अगस्त 2017 को पेपर लीक करने वाले गिरोह के सात लोगों को गिरफ्तार किया |
  3. ATF ने 10 ,12 नवंबर 2017 को हाई कोर्ट की ग्रुप C और D की परीक्षा में गड़बड़ी करने के आरोप में 20 युवकों को इलाहाबाद , गोरखपुर और लखनऊ में गिरफ्तार किया |
  4. 28 मार्च 2018 को एस.टी.एफ ने UPPCL भर्ती परीक्षा के पेपर लीक और सॉल्वर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 12 लोगों को गिरफ्तार किया |
  5. 17 मार्च 2018 को एस.टी.एफ ने मेरठ विश्वविद्यालय में MBBS समेत अन्य परीक्षाओं की कॉपिया भेजकर बाहर से लिखवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया और आठ लोग गिरफ्तार|
  6. 12 अप्रैल 2018 को cbse के मैथ्स के पेपर लीक हुआ।
  7. 15 जुलाई 2018 को लोअर सब आडिनेट के 641 पदों की भर्ती के लिए हुई परीक्षा के पेपर लीक की जाँच अधीनस्थ चयन आयोग ने ATF को सौंपी जिसने इस पेपर लीक की पुष्टि की।
  8. 2 सितंबर 2018 नलकूप चालक भर्ती कक पेपर लीक हुआ।
  9. अक्टूबर 2018 को BTC 2015 का बैच चौथे सेमेस्टर का पेपर लीक हुआ।

बीटीसी पेपर लीक से नाराज छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया

Leave a Comment