विरांगना फूलन देवी की पुण्यतिथि पर विचारगोष्ठी का आयोजन हुआ

विरांगना फूलन देवी की पुण्यतिथि पर विचारगोष्ठी का आयोजन हुआ

विरांगना फूलन देवी की पुण्यतिथि पर विचारगोष्ठी का आयोजन हुआ-पूर्व सांसद वीरांगना फूलन देवी जी की 18 वी शहादत दिवस के अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉक्टर अम्बरीश गोंड जी ने की एवं मुख्य अतिथि के रूप में लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र नेता शिवम कश्यप एवं

विशिष्ट अतिथि के रूप में लखनऊ के प्रतिष्ठित समाज सेवी अजय कश्यप जी एवं

ग्रामीणांचल-गरीबी के संघर्षों को परास्त कर एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे विवेक बिन्द जी उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर ,डॉक्टर राम मनोहर लोहिया एवं वीरांगना फूलनदेवी जी की प्रतिमा पर

श्री विवेक बिंद , श्री अजय कश्यप एवं श्री शिवम कश्यप द्वारा माल्यर्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई।

इस कार्यक्रम का संचालन सैन सतीश शर्मा ‘समर’ ने किया।

कार्यक्रम के क्रम में निखिल कन्नौजिया जी ने डॉक्टर अम्बरीश गोंड जी,

दीपक दीप चौरसिया जी ने श्री विवेक बिंद ,राजू रावत जी ने श्री अजय कश्यप जी ,

श्री सुमित पाल जी ने श्री शिवम कश्यप जी का बैच लगाकर स्वागत एवं सम्मान किया।

सैन सतीश शर्मा समर ने कहा

संचालन करते हुए सैन सतीश शर्मा समर ने कहा कि आज जब हम शोषण के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक वीरांगना फूलन देवी जी का शहादत दिवस मना रहे है।

वह फूलन देवी जी जिन्होने अपनी 38 वर्ष के जीवनकाल में 11 वर्ष बीहड़ और

11 वर्ष करावास में बिताएं हो इस बात से फूलन देवी जी के संघर्षों भरे जीवन को समझा जा सकता है।

और जब आज फूलन देवी जी की पुण्यतिथि मना रहे है।

तब हमें उनको कारावास के अमानवीय जीवन से सार्वजनिक जीवन की मुख्यधारा में लाने वाले

केंद्र सरकार द्वारा सपा अध्यक्ष की सुरक्षा वापसी की निंदा हुई

आदरणीय नेता जी ‘मुलायम सिंह यादव’ जी को धन्यवाद देना होगा नेता जी ने समाजवादी

आंदोलन के नेता डॉक्टर लोहिया जी के समता समानता विशेषाधिकार के सिद्धांत को आगे बढ़ाते हुए न केवल फूलन देवी जी को जेल से रिहा करवाया।

बल्कि उन्हें समाजवादी पार्टी से दो बार संसद भेजने का अपार सम्मान प्रदान करने का काम किया

और इस कार्यक्रम के माध्यम से हम केन्द्र सरकार द्वारा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी की सुरक्षा वापस लिए जाने की घोर निंदा करते है

बीहड़ में सब डकैत नहीं बागी भी-शिवम कश्यप

लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र नेता शिवम कश्यप ने कहा बीहड़ में सब डकैत नहीं बागी भी होते थे।

फूलन देवी भी एक बागी ही थी। जिसने बंदूक उठाई सामंतवाद के विरुद्ध, पुरुषवाद के विरुद्ध, शोषण के विरुद्ध, ऊंच-नीच के विरुद्ध, अन्याय के विरुद्ध और न्याय के पक्ष में।

सामंती पुरुषवाद एवम पितृसत्ता के विरुद्ध ,चम्बल बीहड़ से लेकर संसद तक का सफर तय करने वाली ऐसी वीरांगना फूलन देवी जी को शत शत नमन।

सच्ची श्रधांजलि सबको शिक्षा प्रदान करना-अजय कश्यप

लखनऊ में शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अजय कश्यप ने कहा कि

एक अत्यंत पिछड़ी जाति की बेहद गरीब परिवार की बेटी “फूलन देवी जी”

जिनको नारी अस्मिता के रक्षण का ब्रांड एम्बेसडर सरकार को घोषित करना चाहिए था।

वह महान विद्रोही महिला केवल एक जाति (मल्लाह) तक सीमित रह गई है।

यह हमारे समाज की बिडम्बना है औऱ इसका बड़ा कारण अशिक्षा है।

यदि हमें अपने समाज ,जाति ,धर्म,पंथ को गरीबी शोषण से मुक्त कराना है

तो उसका एक मात्र उपाय शिक्षा है।

वीरांगना फूलन देवी को सच्ची श्रधांजलि सबको शिक्षा प्रदान करके दे सकते है।

अन्याय के खिलाफ विद्रोह का प्रतीक-विवेक बिंद

एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे विवेक बिन्द ने कहा

कि देश समय समय पर अन्याय के खिलाफ महानविभूतियो ने विद्रोह किया है।

उसी क्रम में विरांगना फूलन देवी जी ने भी अपने साथ हुए अन्नाय के खिलाफ विद्रोह किया।

जिसके परिणाम स्वरूप उनको बीहड़ की शरण लेने पड़ी थी किन्तु वह डकैत नही बागी थी।

उनकी बगावत सामंतवाद, पुरुषवाद ,पितृसत्ता जातिवाद के खिलाफ थी।

आज जब हम उन्हें याद कर रहे है तो हमको भी यह संकल्प लेना होगा कि सामंतवाद, पुरुषवाद ,पितृसत्ता जातिवाद के खिलाफ लड़ेंगे।

किन्तु विरांगना फूलन देवी जी के दौर में साधन नही थे।

लेकिन आज हम यह काम शिक्षा के ज्योति जलाकर कर सकते है।

शिक्षा सभी समस्याओं का समाधान-डॉ अम्बरीश गोंड

कार्डियोलॉजी के प्रसिद्ध डॉक्टर एवम शिक्षक के अम्बरीश गोंड ने कहा आज सभी वक्ताओं के की बातों से खुद को जोड़ते हुए।

मैं विरांगना फूलन देवी जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूँ।

सभी वक्ताओं ने अपनी बात कही मैं सिर्फ इतना कहना चाहूँगा की

चाहे जो दौर रहा हो अशिक्षा हर दौर में उत्पीड़न का कारण रही है।

शिक्षा द्वारा ही उत्पीड़न को रोका जा सकता और समाज मे गैरबराबरी को दूर किया जा सकता है।

मैं आप सबको धन्यवाद देना चाहता हूँ।

बाबा साहब का छात्रों के नाम सन्देश

कि आप इस दौर में आप सामाजिक बन्धन को तोड़ सभी महापुरुषों को याद कर रहे

इसलिए आप सभी बधाई के पात्र हैं। आप निरन्तर ऐसी प्रकार सामाजिक जागरूकता को बनाए रहेंगे।

इस कार्यक्रम के दौरान मणेन्द्र मिश्रा मशाल ,अंकित सिंह बाबू ,वीरू पाल ,महेंद्र यादव,शुभम चौरसिया ,

सुमित राजभर ,नरेन्द्र सिन्हा ,अनुज कश्यप,रंजीत राजपूत,रोहित प्रजापति ,

विशाल रावत,अद्वितीय कुशवाहा ,रवि गौतम सुशील विश्वकर्मा, आदि लोग उपस्थित रहे।

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