मेरठ दरोगा की पिटाई के वायरल वीडियो का सच

मेरठ दरोगा की पिटाई के वायरल वीडियो का सच – आज मेरठ में पार्षद द्वारा पुलिस दरोगा की पिटाई के वायरल वीडियो मामले में बड़ा खुलासा हुआ।

वीडियो में दिख रही महिला मीडिया सामने आई। उसने कहा कि वह एक केस के सम्बन्द्ध में दरोगा से मिलने गयी थी। जहाँ वेटर से खाना मांगने पर उसने बदतमीजी की। जिसके बाद वह मालिक पार्षद ने  आकर बदतमीजी शुरू कर दी। मेरी सारी चीजें छीन ली और मोबाइल भी छीन लिया। मेने पार्षद के खिलाफ तहरीर दे दी है।

मेरठ के एक वायरल वीडियो को देख रहा था. बीजेपी के एक पार्षद दारोगा को दबोच देते हैं. फिर लगातार बार बार ज़ोर ज़ोर से मारे जा रहा था. माँ बहन की गालियाँ दे रहा था. उनका साथी दारोगा का कॉलर पकड़ कर पटक देता है. एक पार्षद की हिम्मत इतनी कैसे बढ़ जाती है कि वह दारोगा को इस तरह से मारता है। मेरठ दरोगा की पिटाई के वायरल वीडियो का सच तो जांच के बाद ही सामने आएगा।

मेरठ दरोगा की पिटाई के वायरल वीडियो का सच, दारोगा इतना लाचार क्यों दिख रहा

दारोगा इतना लाचार क्यों दिख रहा था? पार्षद दारोगा का बाप क्यों लग रहा था? यह वीडियो ऊ प्र पुलिस के समाप्त हो जाने का सबूत है. इनके अफ़सरों में न ज़मीर बचा है, न शायद ईमान।

मेरठ दरोगा की पिटाई के वायरल वीडियो का सच सामने आने का इंतज़ार रहेगा लेकिन ऐसा लग रहा है कि एक संस्था के रूप में पुलिस समाप्त हो चुकी है. पुलिस में जो अच्छे लोग हैं, वो बस अपनी इज्जत बचाकर नौकरी काट रहे हैं|

पार्षद महोदय ने सिर्फ दारोगा को नहीं जनता को मारा

पार्षद महोदय ने सिर्फ दारोगा को नहीं मारा. मेरठ दरोगा की पिटाई के वायरल वीडियो का सच, ये वीडियो जब दारोगा के साथ वाले और परिवार वाले देखेंगे तो क्या सोचेंगे. उनके परिवार वालों को कितनी हताशा हुई होगी| शर्मनाक है| पार्षद आगे चल कर सांसद बनेगा| वह आज की राजनीति के हिसाब से सही रास्ते पर है| भीड़ के आगे पुलिस बेबस है| हर व्यक्ति को सौ शिकायतें रहती हैं. पुलिस से मगर दारोगा का इस तरह माँ-बहन की गालियों से लप्पड़/थप्पड़ खाते चला जाना. शर्मसार भी किया और हताश भी|

BJP पार्षद ने की यूपी पुलिस के दरोगा की पिटाई

मेरठ के एक वायरल वीडियो को देख रहा था. बीजेपी के एक पार्षद दारोगा को दबोच देते हैं. फिर लगातार बार बार ज़ोर ज़ोर से मारे जा रहा था. माँ बहन की गालियाँ दे रहा था. उनका साथी दारोगा का कॉलर पकड़ कर पटक देता है. एक पार्षद की हिम्मत इतनी कैसे बढ़ जाती है कि वह दारोगा को इस तरह से मारता है।

BJP पार्षद ने की यूपी पुलिस के दरोगा की पिटाई, दारोगा इतना लाचार क्यों दिख रहा था


दारोगा इतना लाचार क्यों दिख रहा था? पार्षद दारोगा का बाप क्यों लग रहा था? यह वीडियो ऊ प्र पुलिस के समाप्त हो जाने का सबूत है. इनके अफ़सरों में न ज़मीर बचा है, न शायद ईमान।

ऐसा लग रहा है कि एक संस्था के रूप में पुलिस समाप्त हो चुकी है. पुलिस में जो अच्छे लोग हैं, वो बस अपनी इज्जत बचाकर नौकरी काट रहे हैं|

योगी सरकार के आते ही पुलिस को मारने की कई घटनाएँ सामने में आई

कुछ समय पहले भाजपा के नेता के समर्थकों की भीड़ एस.एस.पी के घर में घुस गयी थी| बीबी-बच्चे अकेले थे,कुछ भी हो सकता था| 24 घंटे से ज्यादा वक्त लग गया पुलिस संघ को निंदा करने में, उस मामले में बहुत देर बाद एफआईआर दर्ज हुई। लेकिन बीमा जानकारी किए कोई भी दावे से कह सकता है कि उस मामले में कुछ नहीं हुआ होगा| योगी सरकार के आते ही पुलिस को मारने की कई घटनाएँ सामने में आई थीं| यह भी देखा गया कि उन्नाव बलात्कार मामले में पुलिस मिली रही| विवेक तिवारी की हत्याकांड में तो सिपाही काली पट्टी बाँध कर आ गए थे| अब क्या दारोगाजी लोग ऐसा करेंगे?

पुलिस के सारे अधिकारी इस्तीफ़ा देकर भाजपा से पार्षद बन जाएँ

जब पुलिस पर विश्वास खत्म हो जाए. वह अपनी ही नजर में गिर जाए तो पुलिस को स्वयं को ही भंग कर देना चाहिए| या तो पुलिस नैतिक बने, ईमानदार बने, सूखी रोटी खाए , अपने सम्मान की वापसी करे या फिर खुद को भंग कर ले| दारोगा का पीटते चले जाना साबित करता है कि पुलिस भाजपा से डर गई है| वह भाजपा नेताओं से लात घुसे खा लेगी लेकिन समाजवादी पार्टी को बदनाम कर अपनी लाज बचा लेती| शर्मनाक है| पुलिस भाजपा नेताओं का कुछ नहीं कर सकती है| एक काल में सब की हालत खराब हो जाएगी| मेरठ दरोगा की पिटाई के वायरल वीडियो का सच, इस लिए पुलिस के सारे अधिकारी इस्तीफ़ा देकर भाजपा से पार्षद बन जाएँ. कम से कम शहर और समाज में इज़्ज़त तो रहेगी| कोई हाथ तो नहीं उठाएगा|

पार्षद महोदय ने सिर्फ दारोगा को नहीं जनता को मारा

पार्षद महोदय ने सिर्फ दारोगा को नहीं मारा. ये वीडियो जब दारोगा के साथ वाले और परिवार वाले देखेंगे तो क्या सोचेंगे. उनके परिवार वालों को कितनी हताशा हुई होगी| शर्मनाक है| पार्षद आगे चल कर सांसद बनेगा| वह आज की राजनीति के हिसाब से सही रास्ते पर है| भीड़ के आगे पुलिस बेबस है| हर व्यक्ति को सौ शिकायतें रहती हैं. पुलिस से मगर दारोगा का इस तरह माँ-बहन की गालियों से लप्पड़/थप्पड़ खाते चला जाना. शर्मसार भी किया और हताश भी|

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