लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ बहाली को लेकर पद यात्रा

लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ बहाली को लेकर पद यात्रा

लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ बहाली को लेकर पद यात्रा – लखनऊ विश्वविधालय और महाविद्यालयो के छात्र-छात्राओ के द्वारा परिसरों में छात्रो के साथ हो रहे
अन्याय खिलाफ लड़ने और छात्रसंघ चुनाव बहाली के लिए सहयुक्त छात्रसंघ बहाली मोर्चा के गठन कर लखनऊ विश्वविधालय और महाविद्यालयो के परिसरों में छात्र-छात्रो के बीच जागरूकता अभियान चल रहा है आगामी 11 अक्टूबर को के के वी से विभिन्न महाविद्यालय से होकर लखनऊ विश्वविद्यालय पहुचेगी

लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ बहाली को लेकर पद यात्रा

छात्रो के साथ हो रहा अन्याय

आपको बताते चले कि लखनऊ विश्वविद्यालय और महाविद्यालयो में चैत्र नेताओ और छात्रो पर लगातार पुलिसिया दमन किया जा रहा है अपनी हक की मांग करने वाले छात्रो को फर्जी मुकदमो में भेजने की प्रथा जैसी बन गयी है 16 छात्र करीब 95 दिनों से फ़र्ज़ी मुकदमो में जेल में है जिस कारण छात्र आक्रोशित है और लगातार विभिन्न लोकतांत्रिक तरीकों से विरोध दर्ज कर है इसी क्रम में ल०वि ०वि० और महाविद्यालयो के छात्र-छात्रओ द्वारा सहयुक्त छात्र संघर्ष मोर्चा के गठन कर आंदोलन को तेजी प्रदान की जा रही है और आगामी दिनों में जागरूकता अभियान, पद यात्रा का द्वारा छात्रो के बीच जाकर अपनी लड़ाई में साथ आने की अपील करेंगे ।

छात्र नेताओं के साथ अपराधियों की तरह व्यवहार

आपको बता दे कि जिस घटना में आरोपी बनाकर छात्र नेताओं को जेल भेजा गया। छात्रनेताओ का कहना है कि वह उस घटना के समय कई छात्रनेता परिसर में उपस्थित नही थे और उन सभी छात्रों के पास इस बात का पुख्ता सबूत भी है लखनऊ विश्वविद्यालय में तथाकथित गुरु और छात्र मारपीट मामला लगातार सुर्खियों में है आज 16 छात्र नेताओं को जेल में 95 दिन से अधिक हो गए है। कोर्ट द्वारा छात्र नेताओं को जमानत नही मिल पा रही है उधर जेल में भी लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्र नेताओं के साथ अपराधियों की तरह व्यवहार हो रहा है उनको खुयात अपराधियों के साथ रखा जा रहा है और किताबे और अखबार जैसी मूलभूत चीजो से भी दूर रखा जा रहा है

छात्र संख्या और परिसर से तय होगा माॅडल

छात्र संख्या के लिहाज से एलयू अप्रत्यक्ष चूनाव के माॅडल को अपना सकता है। इसमें सीधा चूनाव नही होगा, बल्कि सभी कक्षाओं से प्रतिनिधि चुने जाएंगे। यह प्रतिनिधि छात्रसंघ के पदाधिकारियों का चयन करेंगे। विवि के शिक्षकों के मुताबिक इस माॅडल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि चुनाव मे कम समय लगने के साथ ही व्यवस्था बेहतर रहेगी। एलयू के अलावा जेएनपीजी काॅलेजो में भी अप्रत्यक्ष चुनाव का माॅडल इसलिए चुना जा सकता है, क्योकिं छात्र संख्या के लिहाज से यह विवि का सबसे बड़ा काॅलेज है। वहीं, शिया पीजी काॅलेजो और लखनऊ क्रिश्चियन काॅलेजो की बात करें तो इनके दो-दो परिसर है। ऐसे में संभव है कि यहां भी अप्रत्यक्ष माॅडल ही चुना जाए, लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ बहाली को लेकर पद यात्रा, लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ बहाली को लेकर पद यात्रा।

हाईकोर्ट में दाखिल होगा वर्गीकरण

विवि द्वारा दिया जाने वाला वर्गीकरण शासन के माध्यम से कोर्ट में दाखिल किया जाएगा। जीन अक्टूबर 2012 को एलयू के छात्र हंेमत सिंह ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल की थी कि चुनाव के लिए प्रत्याशी की उम्र एकेडमिक सेशन की शुरूआत से देखी जाए, जबकि संविधान के अनुसार उम्र को नाॅमिनेशन की तिथि पर देखा जाता है। इसके अलावा उस सत्र में चुनाव में देरी हुई थी,

जिसमें हेमंत ने कहा कि चुनाव सत्र शुरू होने की छह से आठ सप्ताह के अंदर होना चाहिए। उसी समय हाईकोर्ट में छात्रसंघ चुनाव से जुड़ा एक और मामला भी था। कानपुन के पीपीएन काॅलेजो का यह मामला दिसंबर 2011 का था, जिसमें उसने कहा कि विवि का वर्गीकरण होने पर ही वह चुनाव करा सकता है। जब हेमंत सिंह का मामला कोर्ट गया तो उसे कानपुर वाले केस के साथ क्लब कर दिया गया, जिसके बाद चुनाव पर स्टे हो गया, लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ बहाली को लेकर पद यात्रा, लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ बहाली को लेकर पद यात्रा।

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