जननायक कर्पूरी ठाकुर और उनका जीवन

जननायक कर्पूरी ठाकुर और उनका जीवन – जननायक कर्पूरी ठाकुर भारतीय राजनीति के ऐसे चमकते सितारे थे जिनके जीवन सरल और साधारण था , परन्तु व्यक्तित्व असाधारण था । अत्यंत पिछड़े परिवार में पैदा होकर परिश्रम और प्रतिभा के द्वारा उन्होंने राजनीति में वह ऊँचाई प्राप्त की, जो आज सबके लिए प्ररेणा है ।

जननायक कर्पूरी ठाकुर और उनका जीवन

सत्ता नही समाज को बेहतर करना चाहते थे कर्पूरी

जननायक कर्पूरी ठाकुर स्वन्त्रता आंदोलन के कर्मठ सिपाही थे। स्वतंत्रता आंदोलन में वह कई बार जेल गए उर यातनाएं झेली । स्वतंत्रा के बाद वह प्रथम आम चुनाव में सन 1952 में विधायक होने के बाद वह मृत्युपर्यन्त वह  विधानसभा और लोकसभा दोनों सदनों में रहे।

जननायक कर्पूरी ठाकुर और उनका जीवन सत्ता के लिए नही समाज को बेहतर करने का साधन रही। वे सादगी ,शालीनता,संकल्प के धनी व्यक्ति थे,वो ऐसे राजनेता थे जिनके निकट जाने से आत्मीयता का अनुभव होता था ।

कर्पूरी ठाकुर अत्यंत निर्धन परिवार और तिरिस्कृत ( नाई ) जाती में पैदा हूए

समाज में शोषण और दोहन की लंबी परंपरा रही है। शोषण की इस प्रक्रिया में समाज तीन भागों में बट गया- पुरूस्कृत , तिरिस्कृत और बहिष्कृत । जननायक कर्पूरी ठाकुर अत्यंत निर्धन परिवार परिवार और तिरिस्कृत ( नाई ) जाती में पैदा हूए । जननायक कर्पूरी ठाकुर कर्पूरी जी ने विभिन्न कठिनाइयों को झेलते हुए, 3 कोस पैदल स्कूल जाकर शिक्षा प्राप्त की। जिसके बाद कॉलेज की शिक्षा सी एम कालेज दरभंगा से प्राप्त की । जहाँ से वह गांधी जी के ‘करो या मरो’ के आव्हान पर स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े।

कर्पूरी समाजवादी आंदोलन के पर्याय बन गए

जननायक कर्पूरी ठाकुर के जीवन मे संघर्ष की कहानी, तो वह उनके जीवन का अभिन्न अंग बन गई। वह जीवन भर वंचित वर्ग के लिए संघर्ष करते रहे। जननायक कर्पूरी और उनका जीवन जहाँ एक ओर गांधी का प्रभावित था वही दूसरी ओर सुभाष चंद्र बोस से भी वे बड़े प्रभावित थे। लोकनायक जय प्रकाश नारायण, डॉ राममनोहर लोहिया, आचार्य नरेंद्र देव जैसे नेताओं के नेतृत्व में जननायक कर्पूरी ठाकुर ने समाजवादी आंदोलन को अपना जीवन समर्पित किया। जननायक कर्पूरी ठाकुर और उनका जीवन

डॉ राममनोहर लोहिया जी की मृत्युपरांत वह समाजवादी आंदोलन के पर्याय बन गए। वे विधयी नियमो में पारंगत और एक ओजस्वी वक्ता थे । विधानसभा/लोकसभा अथवा अन्यत्र उनके द्वारा दिए गए भाषण-अभिभाषण का संग्रह वर्तमान और भविष्य की पीढ़ी के लिए परम् उपयोगी होगा।

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