फेक न्यूज फैलाने वाले देशद्रोही: अखिलेश

फेक न्यूज फैलाने वाले देशद्रोही: अखिलेश-BBC के लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम
#BeyondFakeNews में बोलते हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग फ़ेक न्यूज़ को बढ़ावा दे रहे हैं; वह असल मुद्दों से देश को भटका रहे है।

फ़ेक न्यूज़ को बढ़ावा दे रहे हैं; वह असल मुद्दों से देश को भटका रहे है

अखिलेश यादव ने कहा,”फ़ेक न्यूज़ एक संक्रमण है जिससे पूरा देश कभी ना कभी पीड़ित हो जाता है। इससे लोगों की जान तक चली जाती है, ये कहना भी ग़लत नहीं होगा।”

हिटलर और मूसोलिनी के ज़माने भी झूठा प्रचार हो रहा

अखिलेश यादव ने कहा, “इस प्रकार के झूठे प्रचार पूर्व में भी होते रहे हैं, हिटलर और मूसोलिनी के ज़माने भी झूठा प्रचार हो रहा था। आज हर व्यक्ति प्रसारणकर्ता हो सकता है। कहा से भी ख़बर को कहा तक भी पहुंचाया सकता है। ग़लत-सूचना देना या हेर-फेर करके सूचना देना भी फ़ेक न्यूज़ ही है।”

सज़ा न दिलवाने का अफ़सोस होता है

अखिलेश यादव ने कहा, “मैं अपने अनुभवो से कह सकता हूँ कि जिस वक्त समाजवादी सरकार थी। उस वक्त एक पिक वायरल की जाती थी। ट्रक से एक पुलिसकर्मी की जान-जाने की तस्वीर| मैंने गृहसचिव से उस तस्वीर के वायरल होने का सोर्स पता करने के लिए कहा। जानकारी करने पर पता चला गुड़गांव की मल्टी-नेशनल कंपनी में काम करने वाली एक लड़की उस झूठी ख़बर को फैला रही थी। हमसे ग़लती हुई कि हमने उसके ख़िलाफ़ एफ़०आई०आर० दर्ज नहीं कराई क्योंकि उससे उसका परिवार प्रभावित हो सकता था। आज हमे उस लड़की को सज़ा न दिलवाने का अफ़सोस होता है।”

आगरा एक्सप्रेस का निर्माण सपा कार्यलय में हुआ

अखिलेश यादव ने एक घटना ज़िक्र करते हुए। कहा कि आगरा एक्सप्रेस वे पर दूसरी बार जब लड़ाकू विमानों का परीक्षण हुआ। तो मैं और मेरी पत्नी पूरा शो देखते रहे। लेकिन किसी भी न्यूज़ चैनल ने यह नही दिखाया। कि यह एक्सप्रेस वे अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में निर्माण हुआ था। इस बात से हम बहुत दुखी हुए।

डॉ० लोहिया और डॉ० आंबेडकर एक दूसरे जुड़े

गठबंधन के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा, की डॉक्टर लोहिया और डॉक्टर आंबेडकर ने एक दूसरे जुड़ने का प्रयास किया । उसके बाद नेता जी और कांशीराम ने एक सफल प्रयास किया । अब हम इस प्रयास को आगे बडा रहे है। बहुत से लोग चाहते है कि ”डॉ०लोहिया की समाजवादी विचारधारा और डॉ० आंबेडकर की विचारधराए एक साथ न आये। लेकिन हम सब कोशिश होगी कि समाज में जिन्हें सबसे जरूरतमंद है, जो सबसे ज़्याद दुःखी हैं, शायद हम सब उन्हें समाजवादी विचारधारा से जोड़ पाएं तो हम सफल होंगे। समाजवादी लोग विकास करके जनता को जीतना चाहते हैं, बयानबाजी करके नहीं। समाजवादी विचारधारा के करीब जो लोग होंगे उनका सहारा जरूर लिया जाएगा।”

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