बेरोजगारी के कारण युवाओ ने की आत्महत्या: प्रतिदिन 26 बेरोजगार कर रहे है आत्महत्या

बेरोजगारी के कारण युवाओ ने की आत्महत्या: प्रतिदिन 26 बेरोजगार कर रहे है आत्महत्या

बेरोजगारी के कारण युवाओ ने की आत्महत्या: प्रतिदिन 26 बेरोजगार कर रहे है आत्महत्या-इस देश का युवा वर्ग इस देश को पुनः सोने की चिड़िया बनाने की काबिलियत रखता है यह सब मानते है और युवाओ का कल्याण करने को सभी आतुर दिखते है। जरा रुकिए यदि आप इसे सच मान रहे है तो यह ठीक उसी प्रकार है जैसे चिप्स की पैकेट भरी होती है और खोलने पर हवा निकल जाती है।

अलवर में पढ़ाई कर रहे थे

एक घटना ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया। हम किस दौर में जहाँ युवा नौकरी न मिलने के कारण आत्महत्या कर ले रहे है।
यह घटना अलवर (जयपुर) रेलवे ट्रैक पर शहर में एफ०सी०आई गोदाम-शांतिकुंज के बीच की है।
24 वर्षीय मनोज मीणा; बुचीपुरी निवासी 22 वर्षीय सत्य नारायण मीणा; बरेला निवासी 17 वर्षीय राज मीणा; टोडाभीम के खेड़ी निवासी 22 वर्षीय अभिषेक मीणा सूबे के अलवर में पढ़ाई कर रहे थे।

न खेती कर सकते है ना नौकरी लगेगी

राहुल ने बताया कि उसके दोस्तों ने कहा कि हम जीवन से ऊब चुके हैं। न तो हम खेती कर सकते हैं और न ही हमारी नौकरी लगेगी, इसलिए हम तो मरेंगे। तुम्हें क्या करना है सोच लो। इसी बीच सामने से ट्रेन आ गई तो सत्यनारायण, मनोज, रितुराज व अभिषेक ने एकाएक ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। उनके चीथड़े उड़ गए।

आत्महत्या को मजबूर बेरोजगार छात्र-नौजवान

हकीकत कही अधिक भयावह है जिसे पढ़ कर आपके पैरों तले जमीन खिसक जायेगी नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ( NCRB ) के आंकड़ों को यदि सच माने तो 21 सदी युवाओ की जान की प्यासी नजर आती है  क्योंकि विगत 16 वर्षों में बेरोजगारी की हालत यह है कि 1 लाख 54 हजार 755 बेरोजगारो ने आत्महत्या कर ली है और प्रतिदिन औसत निकाला जाए तो 26 से अधिक बेरोजगार आत्महत्या कर रहे है।

16 वर्षों में 1 लाख 4 हजार 98 छात्रो ने आत्महत्या कर ली

किन्तु देश को यह भयावह दशा नही दिख रही है दूसरी तरफ़ एक और दर्दनाक और सपनों को तोड़ता आंकड़ा है जिसके अनुसार पढ़ाई के दवाब के कारण विगत 16 वर्षों में 1 लाख 4 हजार 98 छात्रो ने आत्महत्या कर ली है इसका औसत निकाले तो प्रतिदिन 17 से अधिक छात्र आत्महत्या कर रहे है। अर्थात जिस युवा भारत का महिमामंडन किया जा रहा है उस भारत का युवा दशा एक बड़ी त्रासदी से गुजर रहा है लेकिन उस युवा के दर्द को समझने को कोई तैयार नही है ।

1 घंटे में छात्र और युवा आत्महत्या कर रहा

अपने ऊलजलूल बयानों द्वारा नेता उसे बस पीड़ा पहुचाने का काम रहे है यदि बेरोजगारो और छात्रों की आत्महत्या के आकड़ो को जोड़ लिया जाए तो विगत 16 वर्षों में 2 लाख 58 हजार 849 युवजनो में आत्महत्या कर ली है यानि प्रत्येक 1 घंटे में छात्र और युवा आत्महत्या कर रहा है ।

और जिस तरह बेरोजगार और युवा भारत मे आत्महत्या कर रहा है ऐसा दुनिया के किसी देश मे नही होता है इस लिस्ट में भारत सबसे ऊपर ही नही बल्कि भारत को भयानक त्रासदी को ओर जा रहा है यदि हम और आज नही जागे तो यह आंकड़े और भी अधिक हो सकते है।

Leave a Comment