अनिल अंबानी भारत छोड़ सकते है

अनिल अंबानी भारत छोड़ सकते है

अनिल अंबानी भारत छोड़ सकते है – स्वीडन की टेलीकॉम कंपनी एरिक्सन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है कि अनिल अंबानी और उनके दो अधिकारी को भारत छोड़ने से रोका जाए, अनिल अंबानी भारत छोड़ सकते है। स्वीडन की टेलीकॉम कंपनी एरिक्सन ने अपनी याचिका में कहा है  कि भारत के कानून के प्रति इनका कोई सम्मान नहीं है।

अंबानी समूह की कंपनी को 550 करोड़ रुपये देने थे मगर वो कानून की प्रक्रियाओं का ग़लत इस्तेमाल कर डिफाल्टर हो गई। वैसे तो स्वीडन की टेलीकॉम कंपनी एरिक्सन पर 1600 करोड़ का बकाया था मगर कोर्ट के ज़रिए समझौता होने के बाद रकम 550 करोड़ पर आ गई थी।अनिल अंबानी समूह वो भी नहीं दे पा रहा हैं। अनिल अंबानी समूह की कंपनी ने स्टाक एक्सचेंज को बताया है कि स्वीडन की टेलीकॉम कंपनी एरिक्सन की यह याचिका ग़ैर ज़रूरी थी। उसने तो पेमेंट के लिए 70 दिन और मांगे थे। सरकारो से बैंक गारंटी को लेकर विवाद चल रहा था इस कारण देरी हुई है।

अनिल अंबानी के देशभक्ति पर प्रश्न, अनिल अंबानी भारत छोड़ सकते है

अब आप बताइये विदेशी कंपनियों को भी अनिल अंबानी की देशभक्ति पर भरोसा नहीं रह गया है। उन्हें क्यों शक हो रहा है कि अनिल अंबानी भारत छोड़ सकते है ?

यह खबर 2 अक्तूबर के टाइम्स आफ इंडिया में छपी है, रिपोर्टर का पंकज दोभाल जिनकी पत्रकारिता को नमन है जिन्होंने देश की जनता को अनिल अंबानी जी कृत्यों से रूबरू कराया।

सोचने का विषय यह है कि बड़े मीडिया घराने ऐसी खबरों से क्यों दूर है हालांकि कुछ जिम्मेदार मीडिया बंधु आज भी देशहित में पत्रकारिता कर रहे है

अनिल अंबानी समूह पर 45000 करोड़ का कर्ज़ा

अनिल अंबानी समूह की कम्पनी पर 45000 करोड़ से अधिक का कर्ज़ा है अगर आप किसान होते और 5 लाख का ही कर्जा होता तो सिस्टम आपको फांसी का फंदा पकड़ने पर मजबूर कर देता।

देश का नौजवान को उद्योग के लिए कर्जा मिलना जैसे रेगिस्तान में पानी की तरह हो गया है। हालांकि यह सब मीडिया की बहस का मुद्दा नही है, क्योंकि अनिल अंबानी राष्ट्रीय धरोहर हैं। ऐसे सभी लोग हमारी जीडीपी के कर्णधार हैं। भारत की उद्योगों का ऑक्सीजन हैं। इसलिए शायद 45000 करोड़ का डिफाल्टर होने के बावजूद भी इनकी नई नवेली कंपनी को रक्षा मामलों में अनुभवी कंपनियों में से एक दस्सो एविशन रफाल का पार्टनर बनाती है।

जिसे लेकर इन दिनों विवाद चल रहा है। काश किसानों से भी कोई मित्रता करता। भारत के किसान को अब मोदी जी के मन की बात को छोड़कर , अंबानी जी से दोस्ती कर लेनी चाहिए। क्योंकि शायद अम्बानी जी ही किसानों का कर्ज माफ कराने की विधी बता दे, अनिल अंबानी भारत छोड़ सकते है।

Sending
User Review
0 (0 votes)

Leave a Comment