भीमआर्मी प्रमुख चंद्रशेखर रावण की गिरफ्तारी का अखिलेश यादव ने किया विरोध

भीमआर्मी प्रमुख चंद्रशेखर रावण की गिरफ्तारी का अखिलेश यादव ने किया विरोध

भीमआर्मी प्रमुख चंद्रशेखर रावण की गिरफ्तारी का अखिलेश यादव ने किया विरोध-पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने दिल्ली के तुगलकाबाद में संत रविदास मंदिर (Saint Ravidas Temple) को तोड़ने की घटना पर बीजेपी सरकार पर हमला किया है।

सपा अध्यक्ष ने भीम आर्मी (Bhim Army) प्रमुख चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) एवम उनके अन्य सहयोगियों की रिहाई व उनके ऊपर दर्ज केस को वापस लेने की मांग की है।

उत्‍तर प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री सपा अध्यक्ष ने कहा कि मंदिर तोड़ने से बीजेपी (BJP) सरकार का संत-महात्मा विरोधी चेहरा उजागर हुआ है।

अखिलेश यादव ने कहा कि रविदास मंदिर तोड़े जाने से एक बड़े वर्ग की भावना को ठेस पहुंचाने का काम किया गया है।

16वीं शतब्दी के संत रविदास की स्मृति के रूप में बने इस मंदिर से उनके अनुयायियों की श्रद्धा जुड़ी थी।

बीजेपी सरकार दलित विरोधी-अखिलेश यादव

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को कहा कि भारतीय समाज में गुरुओं और संत-मह्त्माओं का सदैव आदर रहा है।

उनके तमाम अनुयायियों के लिए उनका जीवन दर्शन हमेशा से प्रासंगिक और अनुकरणीय रहा है।

उनकी स्मृति को चिरंजीव रखने और उनके माध्यम से समाज को प्रेरणा देने के लिए मंदिर का निर्माण होता रहा है।

अखिलेश ने मंदिर तोड़ने का विरोध करने वाले अनुयायियों पर पुलिस के बल प्रयोग को भी अनुचित बताया।

उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को अनुचित और निंदनीय बताते हुए गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को तुरंत रिहा करने की मांग की है।

सपा प्रमुख ने सभी दर्ज मुक़दमे भी वापस लेने की मांग की है।

अखिलेश ने कहा कि संत रविदास समाज के सभी वर्गों के लिए सम्मानित हैं.

गिरफ्तारी के विरोध मे भीम आर्मी उतरेगी सड़क पर

भीम आर्मी (Bhim Army) ने शुक्रवार को चेतावनी दी है कि रविदास मंदिर (Ravidas Temple) का मुद्दा अगर 10 दिनों के अंदर नहीं सुलझा तो देशव्यापी बंद का आह्वान किया जाएगा।

भीम आर्मी के राष्ट्रीय महासचिव कमल सिंह वालिया ने कहा,

‘अगर 10 दिनों के अंदर गुरु रविदास मंदिर का निर्माण नहीं किया जाता है तो हम भारत बंद का आह्वान करेंगे.’

उन्होंने कहा कि भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर उस समय तक जमानत की मांग नहीं करेंगे, जब तक उनके साथ गिरफ्तार अन्य लोगों को रिहा नहीं किया जाता।

चंद्रशेखर और 95 अन्य लोगों को दंगा और गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

भीम आर्मी ने चंद्रशेखर और अन्य प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर अपना पक्ष रखने के लिए शुक्रवार को महिला प्रेस क्लब (आईडब्ल्यूपीसी) में

एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया था, लेकिन आईडब्ल्यूपीसी ने इसे रद्द कर दिया।

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