Yuvjan युवजन के बारे में

हमारे बारे में

युवजन के बारे में – युवजन (Yuvjan) शब्द के प्रयोग से बरबस ही नवयुवक और युवतियों का समूह छविरूप हमारे स्मरण में आ जाता है युवजन (Yuvjan) जो कि आज के परिवेश में सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक दृष्टि से सबसे बड़ा वंचित वर्ग है

युवजन के बारे में

भारत की आबादी में युवजनों की 65% हिस्सेदारी के बावजूद भारत का युवजन अपने मूल अधिकारों से वंचित नजर आ रहा है जहाँ पूरे देश मे प्रत्येक सेक्टर में गिरावट आयी है वही दूसरी ओर भारत का युवजन और उसका परिवार जिस उद्देश्य के साथ अपने बच्चो को शिक्षा प्रदान करता है “नौकरी” उस ओर सरकार की अनदेखी और सरकारी सेवाओं के निजीकरण ने युवजनो को सड़क पर आंदोलन को मजबूर किया है

किन्तु हम युवजनो की आवाज़ बन स्वंत्रता आंदोलन में जिस पत्रकारिता ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभरूप धारण किया था आज वह युवजनो की आवाज के स्थान कारपोरेट घरानों की आवाज़ बनकर और उनकी विरासत बनकर रह गए है आज के दौर की पत्रकारिता में जनहित की भावना ने धनहित की भावना का रूपधारण कर लिया है सम्पादक कार्य करने को स्वतंत्र नही है खबरों को विभिन्न पक्षो द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है खबरों को अपने हित अनुसार पेश किया जा रहा है दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में पत्रकारिता(मीडिया) के वर्तमान माहौल में संपादकों को आजादी मुश्किल से मिलती है. समय के साथ-साथ पत्रकारिता का स्तर नीचे गिर रहा है, स्थितियां और खराब होती जा रही हैं

युवजन का मुख्य उदेश्य

युवजन के बारे में – पत्रकारिता में कई गलत प्रचलन सामने आ रहे हैं, जैसे खबरों को गैर-जिम्मेदाराना तरीके से संपादित करना, पेड न्यूज, व्यक्तिगत संबंधों के लाभ के लिए कुछ खबरों को चलाना आदि. मीडिया (पत्रकारिता) संस्थान अब खबर की जड़ तक पहुंचना नहीं चाहते, इसके विपरीत, उन्होंने पत्रकारिता के पर्दे में व्यापारिक समझौते करने शुरू कर दिए हैं,  विशेष महत्वपूर्ण सूचनाएं और खबरें जनता तक पहुंचती ही नहीं हैं क्योंकि मीडिया (पत्रकारिता) संस्थान उन्हें किसी व्यक्ति या संस्था विशेष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सामने लाना ही नहीं चाहते है देर ही सही पर जनता भी इस बात को समझने लगी है कि पत्रकारिता खतरे के चरम सीमा पर है, जनता का मीडिया पर विश्वास कम हो रहा है, वही मीडिया जो लोकतंत्र का ‘चौथा स्तंभ’ होने का दम भरता था अपनी विश्वसनीयता खोता जा रहा है

युवजन के बारे में ( Yuvjan) को अस्तित्व में आने की मुख्य वजह यही थी मीडिया युवजनो की आवाज़ को अनदेखा कर रहा है युवजन की आवाज़ आमजनमानस तक और एक दूसरे तक पहुँचाने लिए स्वतन्त्र पत्रकारीता को सबसे उत्तम साधन माना है युवजन द्वारा हमारा प्रयास यह है कि खबरों को सत्यता के साथ पेश किया करे ना कि किसी व्यक्ति या संस्था को लाभ प्रदान करने के लिए खबरों को पेश करे एक संस्थान ले रूप में “युवजन” जनहित और लोकतांत्रिक मूल्यों पर चलने को प्रतिबद्ध है खबरों के विश्लेषण और उन पर टिप्पणी देने के अलावा हमारा उद्देश्य पत्रकारिता के मूल स्वरूप को बचाए रखने का भी है. जैसे-जैसे हमारे संसाधन बढ़ेंगे, हम ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने की कोशिश करेंगे.

इस उद्देश्य की दिशा में हमारा छोटा ही सही पर महत्वपूर्ण कदम है. पत्रकारिता के इस स्वरूप को लेकर हमारी सोच के रास्ते में सिर्फ जरूरी संसाधनों की कमी ही बाधा है. हमारी पाठकों से बस इतनी गुजारिश है कि हमें पढ़ें, शेयर करें, इसके अलावा इसे और हमे बेहतर करने के सुझाव दें. युवजन के बारे में