69000 शिक्षक भर्ती मामला हाइकोर्ट की डबल बेंच में

69000 शिक्षक भर्ती मामला हाइकोर्ट की डबल बेंच में

69000 शिक्षक भर्ती मामला हाइकोर्ट की डबल बेंच में-Justice Rajesh singh chauhan की single bench ने कल जो फैसला दिया।

अब उसके विरोध में स्वर उठने लगे है BTC के अभ्यर्थियों ने अब डबल बेंच में जाने का मन बनाया है।

लेकिन वह सरकार द्वारा इस निर्णय पर क्या प्रतिक्रिया आ रही है इस बात का इंतजार कर रहे है।

अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि कट ऑफ इतना कम रहेगी तो सिर्फ Shiksha Mitra ही इस भर्ती का लाभ उठा पायेंगे।

BTC और अन्य अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा

इस कारण वह सरकार के फैसला का इंतज़ार करते हुए आगे की लड़ाई का निर्णय करेंगे।

यदि सरकार कुछ नही करती है तो वह डबल बेंच में जायेंगे।

Rajesh singh chauhan ने सुनाया फैसला

Justice Rajesh singh chauhan की एकल सदस्यीय Mo Rizwan व अन्य समेत कुल 99 याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए पारित किया।

याचिकाओं में Chief secretary बेसिक शिक्षा अनुभाग- चार द्वारा 7 January 2019 को जारी शासनादेश को चुनौती दी गई थी।

जिसके तहत 6 जनवरी 2019 को हुई Written exam के बाद Qualifying Marx 65 व 60 प्रतिशत कर दिया गया था।

याचीगण Shiksha Mitra थे, उनकी ओर से दलील दी गई थी

कि Written Exam होने के बाद Qualifying Marx घोषित करना, विधि के सिद्धांतों के प्रतिकूल है।

Shiksha Mitra को भर्ती से बाहर करने की साजिश

अधिवक्ता अमित सिंह भदौरिया ने बताया कि याचियों का आरोप था कि Shiksha Mitra को भर्ती से रोकने के लिये,

सरकार ने Exam की तुलना में इस बार अधिक Qualifying Marx लिखित परीक्षा के पश्चात घोषित कर दिया।

वहीं सरकार की ओर से 7 जनवरी के शासनादेश का बचाव करते हुए,

कहा Quality Education के लिये उसके द्वारा यह निर्णय लिया गया है।

Government की ओर से यह भी दलील दी गई कि

पिछली Exam की तुलना में इस बार काफी अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया था,

इस वजह से भी Qualifying Marx बढाना पड़ा।

जिसके जवाब में याचियों की ओर से दलील दी गई कि वे Shiksha Mitra हैं

और उन्हें Supreme Court द्वारा आगामी दो परीक्षाओं में 25 Marx का वेटेज दिये जाने का निर्देश दिया गया था।

Qualifiying Marx 45 व 40 प्रतिशत

याचियों का कहना था कि वर्ष 2018 की सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में Qualifiying Marx 45 व 40 प्रतिशत तय किया गया था, जिसमें वे भाग ले चुके हैं।

चुंकि यह उनके लिये सहायक शिक्षक पद पर भर्ती होने का आखिरी मौका है

लिहाजा इसका भी Qualifiying Marx पिछले Exam के अनुसार ही होना चाहिए।

अन्यथा उनके साथ भेदभाव होगा।

 Court ने मामले की विस्तृत सुनवाई करते हुए, अपने 148 Page के निर्णय में कहा कि

7 january 2019 का शासनादेश मनमाना व संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है।

याचियों के पास यह आखिरी मौका था, ऐसे में लिखित परीक्षा हो जाने के बाद,

Qualifying Marx को बढा देने का कोई औचित्य नहीं था।

3 माह में Result घोषित

Court ने उक्त टिप्पणियों के साथ 65 व 60 प्रतिशत Qualifying Marx सम्बंधी 7 january 2019 के शासनादेश को निरस्त कर दिया।

साथ ही Court ने 1 December 2018 के शासनादेश व 5 December 2018 के विज्ञापन के शर्तों के ही तहत

तथा वर्ष 2018 की परीक्षा के तरीके से तीन माह में Result घोषित करने का आदेश दिया।

Court ने चयन प्रक्रिया भी शीघ्रता से निपटाने के आदेश दिये हैं।

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